गंभीर और अगरकर, क्या कुछ कमाल करना और बाकी है?
Questions over Gambhir and Agarkar : गौतम गंभीर और अजीत अगरकर की जोड़ी इन दिनों चर्चा में है। दोनों ने मैदान पर जितना जलवा नहीं दिखाया, उतना अब मैदान के बाहर बैठकर दिखा रहे हैं। फैंस में गुस्सा है कि इनकी वजह से टीम इंडिया आज इस हालत में पहुंची। uplive24.com पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Questions over Gambhir and Agarkar : भारतीय क्रिकेट में इन दिनों मैदान पर जितनी बहस नहीं हो रही, उससे कहीं ज्यादा चर्चा कोच गौतम गंभीर और अजीत अगरकर वाली चयन समिति के फैसलों पर है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब टीम इंडिया में एंट्री पसंद-नापसंद के आधार पर मिलती है। जो गंभीर और अगरकर पसंद होगा, क्या वही टीम में आएगा और बिना कुछ खास किए खेलता ही जाएगा? हाल के चयन तो यही इशारा करते हैं।
पिछले दो साल में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके साथ कोच और चयन समिति, खासकर अजित अगरकर की कमेटी ने बेहद अनियमित, अस्थिर और कभी-कभी पक्षपाती फैसले लिए।
शुरुआत हार्दिक पंड्या से करते हैं, जो दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर हैं। वॉइट बॉल में उनको लीडरशिप रोल में लाया गया, लेकिन फिर उतनी ही तेजी से बाहर भी कर दिया गया। इसके पीछे का कारण किसी ने नहीं बताया। (Questions over Gambhir and Agarkar)
Gautam Gambhir : हार के बाद गौतम गंभीर ने याद दिलाई पुरानी जीत
फिर मामला आता है श्रेयस अय्यर का। गौतम गंभीर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह याद रहा कि उनकी कोचिंग में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी, लेकिन उस जीत में अहम भूमिका निभाने वाले श्रेयस को वह भूल गए।
श्रेयस ने 2023 विश्व कप में भारत के लिए बड़े रन बनाए, लगातार घरेलू क्रिकेट खेला, IPL में KKR को खिताब जिताया, चैंपियंस ट्रॉफी में दम दिखाया, पंजाब किंग्स के लिए शानदार IPL खेला - इसके बाद भी टीम में उनकी जगह पक्की नहीं हो सकी।
उनको एशिया कप की स्टैंडबाय लिस्ट में भी जगह नहीं मिली। अगरकर और गौतम की टैलेंट की समझ क्या है, अब फैंस यही पूछ रहे हैं? एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, IPL में मुंबई या दिल्ली कैपिटल्स के दौरान एक पुरानी बात हुई थी, जिसकी वजह से अगरकर अभी तक श्रेयस अय्यर से खुन्नस खाए हैं (Questions over Gambhir and Agarkar)।
टीम इंडिया क्या खुन्नस निकालने की जगह है?
सवाल तो उठेगा, क्योंकि केवल श्रेयस नहीं, दूसरे कई खिलाड़ी भी इसका शिकार हो रहे हैं। विराट कोहली पर बाद में आएंगे, पहले ईशान किशन को लीजिए। आरोप थे कि यह खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट को तवज्जो नहीं देता।
लेकिन ईशान ने इसे गलत साबित कर दिया। डीवाई पाटिल टूर्नामेंट से लेकर बुच्ची बाबू तक, उन्होंने कोई टूर्नामेंट मिस नहीं किया। भारत-A के लिए शानदार खेलकर टेस्ट टीम में जगह के करीब पहुंच चुके थे, लेकिन जब टीम घोषित हुई, तो पुरानी कहानी आ गई। अगरकर को लगा कि ईशान को और खेलना चाहिए (Questions over Gambhir and Agarkar)।
टीम मैनेजमेंट की समझ को ऐसे समझिए कि मिडिल ऑर्डर में लेफ्ट हैंडर चाहिए और वनडे में डबल सेंचुरी लगाने वाले ईशान को इग्नोर करके ध्रुव जुरेल को मौका दिया गया है। हालांकि हैरानी नहीं होनी चाहिए, मामला चहेते का है!
कई लोगों का मानना है कि ईशान ने ब्रेक मांगा था और यही बात चयन समिति को पसंद नहीं आई।
Guwahati Test : टीम इंडिया की सबसे गंभीर हार, पाकिस्तान से भी नीचे पहुंचा भारत
कब खत्म होगा सरफराज का इंतजार?
सरफराज की कहानी भारतीय क्रिकेट की सबसे दुखद दास्तानों में से एक बन चुकी है। रणजी में बरसों से ढेरों रन, ढेरों रेकॉर्ड, लेकिन टीम में जगह नहीं (Questions over Gambhir and Agarkar)। पहले तो उनका डेब्यू देर से हुआ और फिर ज्यादा मौके भी नहीं मिले।
क्या गंभीर और अगरकर के लिए घरेलू क्रिकेट कोई मायने नहीं रखता? अगर वहां रन बनाने के बाद भी किसी को मौका नहीं मिलेगा, तो कौन घरेलू क्रिकेट को महत्व देगा और फिर यह रोना भी बंद हो जाना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रणजी नहीं खेलते।
ऐसी ही कहानी अभिमन्यु ईश्वरन की है, जिनको टूर तो 10 करा दिए गए, पर मौका अभी तक नहीं मिला। क्या उन्हें केवल घूमने के लिए भेजा जाता है?
संजू सैमसन की अधूरी कहानी
संजू सैमसन सोच रहे होंगे कि उनका नाम शुभमन गिल क्यों न हुआ। टी-20 में ओपनिंग में दो सेंचुरी लगाने के बाद उन्हें बैटिंग ऑर्डर में नीचे कर दिया गया। इतना मास्टरक्लास मूव केवल गंभीर और अगरकर (Questions over Gambhir and Agarkar) की जोड़ी ही कर सकती है।
संजू के साथ बार-बार ऐसा हुआ है। चयन और फिर तुरंत ड्रॉप, कभी ओपनिंग तो कभी मिडिल ऑर्डर। और जब वह सेटल होते लग रहे थे, तो गंभीर-अगरकर का गिल प्रेम आ गया। क्या जरूरी है कि कोई बैटर अच्छा हो, तो वह तीनों फॉर्मेट में खेले और उसके लिए दूसरों की बलि दी जाए?
इस लिस्ट में ऋतुराज गायकवाड़ को भी जोड़ लीजिए, जिनको शायद अब गंभीर और अगरकर (Questions over Gambhir and Agarkar) याद नहीं करना चाहते। कहीं इसके पीछे वही कहानी तो नहीं कि - गायकवाड़ CSK से खेलते हैं, धोनी के पसंदीदा हैं और धोनी को गंभीर कितना पसंद करते हैं - यह आपको बताने की जरूरत तो नहीं।
अब आइए उन सीनियर खिलाड़ियों पर जो पता नहीं किस बात की सजा भुगत रहे हैं।
मोहम्मद शमी जैसा गेंदबाज कह रहा है कि वह फिट है, पर अजीत अगरकर का ध्यान (Questions over Gambhir and Agarkar) नहीं जा रहा। विराट कोहली से गंभीर के 'मधुर' रिश्तों के बारे में सभी को पता है। कहीं कोहली का टेस्ट से संन्यास उसी रिश्तों की देन तो नहीं?
गंभीर और अगरकर (Questions over Gambhir and Agarkar) ने गजब की जल्दबाजी दिखाई रोहित, कोहली, रविचंद्र अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करने में। बनी-बनाई टीम को तोड़ने की इतनी जल्दी क्यों थी?
गंभीर-अगरकर की इस 'सुपर' जोड़ी का सबसे बड़ा कमाल है चयन प्रक्रिया में अस्थिरता। अब तो फैंस मजाक कर रहे हैं कि अक्कड़-बक्कड़ करके तो टीम नहीं बनाते! कुछ पसंदीदा खिलाड़ियों को तीनों फॉर्मेट में रखने के बाद बाकियों का चयन अंगुली रखकर किया जाता है, जिसकी किस्मत बन जाए!
गंभीर और अगरकर (Questions over Gambhir and Agarkar) टीम इंडिया को उस मोड़ पर ले आए हैं, जहां उसके सामने सवाल ज्यादा हैं। क्या इसीलिए इन दोनों को BCCI ने चुना था?

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